जलवायु बदलाव की बात तो अब पीछे छूट चुकी है। अब तो हम उस मुहाने पर हैं कि जलवायु कहर आगाह कर रहा है कि अब भी रास्ता नहीं बदला तो हमारी सभ्यता के लिए कोई रास्ता बचा ही नहीं रहेगा। कार्ल सेगन ने जिसे ‘पेल ब्लू डॉट’ कहा था, यानी नीली खूबसूरत धरती जो...Read More
बोस ने बताया पेड़ महसूस करते हैं भौतिकशास्त्री और वनस्पतिविज्ञानी होने के साथ ही जगदीश चन्द्र बोस रेडियो विज्ञान के प्रवर्तक भी थे। उन्होंने अपने प्रयोगों से साबित किया कि जीवों की तरह पेड़ भी सर्दी, गर्मी, रोशनी, शोर, खुशी और दुख को महसूस करते हैं। उनके बनाए क्रेेस्कोग्राम नाम उपकरण से पौधों की वृद्धि...Read More
कोरोना के कहर के बीच पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा जिस दवाई की बात होने लगी वो है मलेरिया से निपटने वाली हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन। लेकिन अजब संयोग है कि मलेरिया का रिश्ता एनेफलीज मच्छर से साबित करने वाले रोनॉल्ड रॉस ने अपना पूरा शोध भारत में रहकर किया था। और मलेरिया की दवाई बनाने वाला तो...Read More
पादरी के आगे डॉ विक्रम साराभाई ने फैलाई थी झोली जब भी स्पेस या रॉकेट लांच की खबरें पढ़ते होंगे, एक जगह का नाम हर बार सुनते होंगे – थुम्बा। केरल के त्रिवेन्द्रम के बाहरी हिस्से से लगा एक छोटा सा गांव हैं थुम्बा। इस गांव की खासियत ये है कि ये धरती के चुम्बकीय...Read More